नई दिल्ली, 25 अगस्त । उच्चतम न्यायालय ने वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले दान के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि मंदिर में दान किया गया एक-एक पैसा भगवान के खजाने में जमा होना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मंदिर के आधिकारिक वेबसाइट या दान पेटियों के जरिए ये राशि सीधे मंदिर के खाते में जानी चाहिए।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मंदिर से जुड़ा कोई भी व्यक्ति मंदिर के खजाने में जमा होने से पहले चढ़ावे की राशि पर अपना अधिकार नहीं जता सकता है। उच्चतम न्यायालय ने मंदिर की प्रबंधन समिति को चढ़ावा हासिल करने और उसके हिसाब के लिए एक पारदर्शी सिस्टम स्थापित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य गड़बड़ियों को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी प्रकार के चढ़ावे का उचित ढंग से हिसाब रखा जाए। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मंदिर में दिया गया दान भगवान के लिए है।