काठगोदाम से नैनीताल और कैंची धाम जुड़ेगा रोपवे से, 14.9 किमी होगा मार्ग

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नैनीताल, 16 सितंबर । काठगोदाम से नैनीताल के हनुमानगढ़ी और कैंची धाम को जोड़ने वाली रोपवे परियोजना को गति देने के लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा, नियोजन, सिंचाई एवं लघु सिंचाई डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में बुधवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में उच्चस्तरीय बैठक हुई।

बैठक में काठगोदाम और ज्योलीकोट से कैंची धाम को भी रोपवे से जोड़ने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि परियोजना का तकनीकी अध्ययन पूरा होने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी, क्योंकि हल्द्वानी से नैनीताल तक का पर्वतीय क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील है।

बैठक में एनएचएलएमएल के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि काठगोदाम-नैनीताल रोपवे की लंबाई लगभग 14.9 किलोमीटर होगी और इसमें काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट तथा हनुमानगढ़ी स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसमें 58 टावर लगाए जाएंगे। रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक एकतरफा किराया 375 रुपये प्रति व्यक्ति प्रस्तावित है, जबकि रोपवे से प्रति घंटे लगभग 1,800 यात्री सफर कर सकेंगे। रानीबाग से हनुमानगढ़ी की यात्रा लगभग 20 से 25 मिनट में पूरी होने का अनुमान है।

परियोजना के तहत काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर तक लगभग 250 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज बनाने तथा काठगोदाम व आसपास पार्किंग विकसित करने की भी योजना है। रानीबाग में प्रस्तावित स्टेशन के निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने बताया कि वहां लगभग 33 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जहां पार्किंग भी विकसित की जाएगी। ज्योलीकोट स्टेशन को जंक्शन स्टेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जहां से कैंची धाम के लिए रोपवे जोड़ा जाएगा। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित कार्य शीघ्र पूरा करने तथा एनएचएलएमएल और संबंधित विभागों को समन्वय से कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने हनुमानगढ़ी स्टेशन पर यातायात का दबाव नियंत्रित रखने के लिए समुचित योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रोपवे से हल्द्वानी, काठगोदाम और रानीबाग के होटल व्यवसाय को लाभ मिलने के साथ पर्यटकों को वैकल्पिक परिवहन सुविधा मिलेगी। परियोजना से नैनीताल में यातायात और पार्किंग के दबाव को कम करने में भी मदद मिलने की संभावना है।

बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, डीएफओ आकाश गंगवार, एडीएम सौरभ असवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत जैन, एसडीएम मोनिका सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।