फतेहाबाद, 12 अक्टूबर । जिले में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और उनके दुरुपयोग पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के उद्देश्य से फतेहाबाद पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीमों ने सोमवार को जिले में व्यापक स्तर पर विशेष छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर के दिशा-निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत फतेहाबाद शहर, टोहाना, भूना, कुलां, रतिया और भट्टू कलां सहित जिलेभर में स्थित कुल 40 मेडिकल स्टोरों का अचानक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान एक मेडिकल स्टोर पर दोहरे उपयोग वाली 10 गोलियां बिना किसी रिकार्ड के बरामद हुई, वहीं 11 मेडिकल स्टोरों पर निरीक्षण के समय पंजीकृत फार्मासिस्ट मौके से गायब मिले। इसके अलावा कई दुकानों पर दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकार्ड में गंभीर अनियमितताएं पाई गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से मेडिकल स्टोर संचालकों का हडकंप की स्थिति रही।इस विशेष अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें करनाल, जींद, झज्जर, सिरसा, नारनौल, कुरुक्षेत्र, हिसार तथा भिवानी सहित विभिन्न जिलों के 10 ड्रग कंट्रोल आफिसरों ने हिस्सा लिया। सिरसा जोन के वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारी के पर्यवेक्षण में औषधि नियंत्रण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने मेडिकल स्टोरों के स्टाक रजिस्टर, बिल, खरीद-बिक्री के रिकार्ड व दस्तावेजों का बारीकी से मिलान किया। जांच में सामने आई कमियों और अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सिरसा जोन के औषधि लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा दोषी मेडिकल स्टोरों के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। जांच टीमों ने दुकान संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे बिना डाक्टर के वैध पर्चे के ऐसी दवाएं न बेचें जिनका दुरुपयोग नशे के रूप में हो सकता है।
पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नशीली दवाओं का दुरुपयोग युवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नशीली दवाओं के अवैध भंडारण, बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।