नवरात्र की अष्टमी तिथि को विधायक डॉ. नीलकंठ ने महिलाओं को चुनरी ओढ़ाकर व उपहार भेंट कर किया सम्मानित

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वाराणसी, 18 अक्टूबर (हि. स.)। शहर दक्षिणी विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी नवरात्र के पावन पर्व की अष्टमी तिथि पर पिपलानी कटरा स्थित ‘सरोजा पैलेस में मातृशक्ति अभिनंदन व फलाहार कार्यक्रम का आयोजन किया। मातृशक्ति अभिनन्दन कार्यक्रम में विधायक डा नीलकंठ तिवारी ने सर्वप्रथम उपस्थित मातृशक्ति का पुष्प वर्षाकर अभिनंदन किया तत्पश्चात दो हजार से अधिक मातृशक्ति को चुनरी ओढाकर उपहार भेंट किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने फलाहार ग्रहण किया।

इस अवसर विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा कि नारी का सनातन धर्म में सर्वोच्च स्थान है। नारी सृजन की देवी है। कहा कि सनातन धर्म मेंं सीता-राम, राधा-कृष्ण लक्ष्मी-नारायण, उमा-शंकर आदि नामों में भी पहले स्त्री को ही महत्व दिया गया है। कहा कि जिस राष्ट्र की महिला शक्ति सशक्त है। उस राष्ट्र को कोई गुलाम नहीं बना सकता। इतिहास की अनेकों वीरांगनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि नारी अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए जान दे सकती है, तो जान लेने का साहस भी रखती हैं। विधायक ने कहा कि पौराणिक व धार्मिक दृष्टि से दक्षिणी विधानसभा का विशेष महत्व है कि इस विधानसभा क्षेत्र में ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा सहित काशी के कोतवाल सहित नवदुर्गा, नवगौरी के मंदिर स्थापित है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल ने कहा कि भारत में नारी सदैव पूजनीय रही है। कहा कि नारी शक्ति का सम्मान शास्त्रो की की परम्परा में उल्लिखित है। शहर दक्षिणी विधायक डा नीलकंठ तिवारी द्वारा किए जा रहे इस अद्भुत कार्यक्रम की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

कार्यक्रम का संचालन महानगर मंत्री नेहा कक्कड ने किया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, आलोक श्रीवास्तव, आत्मा विश्वेश्वर, संदीप चौरसिया, सुनील यादव, गोपाल गुप्ता, बबलू सेठ, तारकेश्वर जायसवाल, राजीव सिंह डब्बू, सुनीता राजेश सिंह, साधना वेदांति, रचना अग्रवाल, कनकलता मिश्र, पार्षद व क्षेत्र सह मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, संजय केशरी, श्रवण गु्प्ता, अभिजीत भारद्वाज, अनंतराज गुप्ता, अशोक यादव, मनोज यादव, नीरज जायवाल, शुभम जायसवाल आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहें।