शिवपुरी जिला अस्पताल में व्हीलचेयर के लिए तड़पती रही प्रसूता, परिजनों ने किया हंगामा

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शिवपुरी, 22 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला अस्पताल में बुधवार देर रात स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लापरवाही का मामला सामने आया। पोहरी स्वास्थ्य केंद्र से रेफर होकर आई प्रसूता को अस्पताल के भीतर ले जाने के लिए समय पर व्हीलचेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके चलते महिला करीब 15 मिनट तक एंबुलेंस में ही दर्द से तड़पती रही। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार, प्रसूता रानी नामदेव को पोहरी स्वास्थ्य केंद्र से 108 एंबुलेंस के जरिए शिवपुरी जिला अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद महिला को वार्ड तक ले जाने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक न तो कोई वार्ड बॉय मदद के लिए पहुंचा और न ही अस्पताल के प्रवेश द्वार पर व्हीलचेयर उपलब्ध थी।

परिजनों के मुताबिक, उन्होंने अस्पताल में मौजूद एक महिला वार्ड बॉय से सहायता मांगी, लेकिन उन्हें स्वयं अंदर से व्हीलचेयर लाने के लिए कह दिया गया। इससे नाराज परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक चले विवाद के बाद वार्ड बॉय मौके पर पहुंचे। इसके बाद प्रसूता को एंबुलेंस से निकालकर अस्पताल के भीतर ले जाया गया और भर्ती कराया गया।

मामले की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरपी सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रकरण की जांच कराए जाने और जांच के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है।

इस घटना ने जिला अस्पताल में आपात स्थिति के दौरान मरीजों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसूता जैसी संवेदनशील स्थिति में मरीज को समय पर व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिलना अस्पताल की व्यवस्थाओं की गंभीरता को उजागर करता है।