चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर: लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, खेती-किसानी और बाजार प्रभावित

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धमतरी, 29 अक्टूबर । बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से धमतरी जिले में मौसम का मिजाज बदल गया है। बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी लगातार जारी है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

बे-मौसम बारिश ने जहां आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित की है, वहीं खेती-किसानी और व्यापार पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए 29 अक्टूबर को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है और बाजारों में भी अपेक्षित चहल-पहल नजर नहीं आ रही है। बारिश ने उन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जो कच्चे मकानों में रहते हैं। घरों में पानी टपकने और आसपास जलभराव होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिन घरों के आसपास निकासी नालियां हैं, वहां भी पानी भरने की स्थिति बनने लगी है। शहर के लालबगीचा, बनियापारा, औद्योगिक वार्ड, अधारी नवागांव, महिमासागर वार्ड सहित कुछ निचली बस्तियों में पानी जमा होने से रहवासी परेशान हैं। निकासी नालियों का पानी सड़कों तक फैलने से गंदगी बढ़ गई है। चौक-चौराहों पर एकत्रित कचरे से दुर्गंध उठने लगी है, जिससे लोगों को असुविधा हो रही है।

चक्रवाती तूफान के प्रभाव से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ की फसल लगभग तैयार हो चुकी है और खेतों में धान कटाई का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे समय में लगातार बारिश होने से तैयार खड़ी फसल और कटाई के बाद खेतों में रखे धान को नुकसान पहुंचने की आशंका है। यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो धान की बालियों के खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। किसान संभावित नुकसान का आकलन करने लगे हैं। किसानों के मुताबिक, जिन खेतों में प्रति एकड़ 15 से 16 क्विंटल धान उत्पादन की उम्मीद है, वहां प्रतिकूल मौसम के कारण दो से तीन क्विंटल तक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ग्राम श्यामतराई के उन्नत कृषक उमेश साहू और लक्ष्मीनारायण साहू का कहना है कि फसल कटाई के समय बेमौसम बारिश होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। वर्तमान में भी यही स्थिति बनी हुई है। यदि बारिश का दौर जारी रहा, तो तैयार फसल को नुकसान पहुंचना तय है।

दशहरा पर्व के बाद दीपावली की तैयारियों के चलते बाजार में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है। लोग कपड़े, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर और घरों की रंगाई-पुताई से जुड़ी सामग्री खरीदने के लिए शहर पहुंचते हैं। दीपावली से पहले चूना, डिस्टेंपर, पेंट, रंग और साफ-सफाई के उपकरणों की मांग भी बढ़ जाती है। दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के ऑफर दे रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बाजार में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पा रही है। सदर बाजार मार्ग से लेकर शहर के बाहरी इलाकों में स्थित बड़े शोरूम और दुकानों तक में ग्राहकों की आवाजाही कम दिखाई दे रही है। सुबह से शाम तक बारिश होने के कारण लोग खरीदारी के लिए घरों से निकलने से बच रहे हैं। इसका असर कपड़ा, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बिक्री पर पड़ रहा है। आभूषण विक्रेता ज्ञानचंद लुनावत का कहना है कि त्योहार के सीजन में बारिश होने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, कपड़ा विक्रेता महेश जसूजा ने कहा कि मौसम का जल्द खुलना जरूरी है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही, तो व्यापारियों को काफी नुकसान हो सकता है।

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव तथा आगामी दिनों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए धमतरी जिले में आज गुरुवार को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है। विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, जिले के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। प्रतिकूल मौसम के दौरान बच्चों को घर से बाहर निकलने और आवागमन में होने वाली संभावित कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। लगातार बारिश से जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं किसानों को फसल बचाने की चिंता सता रही है और व्यापारी त्योहार के सीजन में कारोबार प्रभावित होने से परेशान हैं। अब सभी की निगाहें मौसम साफ होने पर टिकी हैं।