दिल्ली सरकार ने की गणतंत्र दिवस पर कैदियों के लिए विशेष माफी की घोषणा

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नई दिल्ली, 25 जनवरी । दिल्ली सरकार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर पात्र दोषसिद्ध कैदियों को विशेष सरकारी माफी प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह माफी उन दोषसिद्ध कैदियों पर लागू होगी, जिन्हें दिल्ली के आपराधिक न्यायालयों से दंडित किया गया है।

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने रविवार को बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के कैदियों एवं महिला कैदियों के लिए माफी की सीमा इस प्रकार होगी — 10 वर्ष से अधिक की सजा पर : 90 दिन, 5 वर्ष से अधिक एवं 10 वर्ष तक की सजा पर : 60 दिन, 1 वर्ष से अधिक एवं 5 वर्ष तक की सजा पर : 30 दिन और 1 वर्ष तक की सजा पर : 20 दिन है। मंत्री सूद ने बताया कि अन्य सभी कैदियों के लिए माफी की सीमा इस प्रकार होगी। 10 वर्ष से अधिक की सजा पर : 60 दिन, 5 वर्ष से अधिक एवं 10 वर्ष तक की सजा पर : 45 दिन, 1 वर्ष से अधिक एवं 5 वर्ष तक की सजा पर : 30 दिन और 1 वर्ष तक की सजा पर : 15 दिन है।

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विशेष माफी दिल्ली जेल नियम, 2018 के अंतर्गत पहले से देय माफी के अतिरिक्त होगी। जो दोषसिद्ध कैदी 26.01.2026 को पैरोल या फरलो पर होंगे, वे भी इस माफी के पात्र होंगे, बशर्ते उक्त अवधि के दौरान उनके विरुद्ध कोई कदाचार दर्ज न हुआ हो। यह लाभ केवल उन्हीं कैदियों को दिया जाएगा, जिन्हें पिछले एक वर्ष अर्थात् 26 जनवरी 2025 से 25 जनवरी 2026 की अवधि के दौरान किसी भी जेल अपराध के लिए दंडित नहीं किया गया हो।

गृह मंत्री ने आगे बताया कि कुछ श्रेणियों के कैदी इस विशेष माफी के पात्र नहीं होंगे। इनमें वे कैदी शामिल हैं जिन्हें मृत्युदंड दिया गया हो या जिनकी मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित किया गया हो; निरुद्ध व्यक्ति, सिविल कैदी अथवा सरकारी बकाया की अदायगी से बचने के अपराध में बंद कैदी; एनडीपीएस अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम अथवा जासूसी से संबंधित अपराधों में दोषसिद्ध कैदी; कोर्ट-मार्शल द्वारा दोषसिद्ध, न्यायालय की अवमानना के दोषी, या भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के अंतर्गत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में दोषसिद्ध कैदी; परक्राम्य लिखत अधिनियम एवं अन्य निर्दिष्ट सिविल अपराधों में दोषसिद्ध कैदी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित “अपवाद” श्रेणियों में आने वाले मामले, जिनमें संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-I में उल्लिखित विषयों से संबंधित अपराध शामिल हैं, भी इस माफी के दायरे से बाहर होंगे।