लोक भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम का स्थापना दिवस

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देहरादून, 20 फरवरी । लोक भवन में गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम राज्य का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने दोनों राज्यों के निवासियों को शुभकामनाएं दीं और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रभक्ति की सराहना की।

इस माैके पर राज्यपाल ने कहा कि भौगोलिक दूरियां हमें अलग नहीं करतीं, बल्कि हमारी विविधता राष्ट्र को और अधिक सशक्त बनाती है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां ‘नमस्ते’ के स्थान पर ‘जय हिन्द’ कहने की परंपरा गौरव का प्रतीक है। उन्होंने तवांग और परशुराम कुंड जैसी आस्था स्थलों का भी स्मरण किया। मिजोरम की उच्च साक्षरता दर, नागरिक जागरूकता एवं पारंपरिक ‘चेराव’ नृत्य की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह राज्य कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को उत्सव के रूप में जीने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक एकात्मता का राष्ट्रीय अभियान है। सीमांत क्षेत्रों का सशक्तीकरण ही राष्ट्र सुरक्षा की आधारशिला है। राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्र प्रथम की भावना को जीवन का मूलमंत्र बनाएं और विविधता को शक्ति के रूप में स्वीकार करें। कार्यक्रम में दोनों राज्यों के राज्यपालों के शुभकामना संदेशों का वाचन किया गया। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम के छात्र-छात्राओं के प्रस्तुत लोकनृत्य और गीत कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम में अपर सचिव रीना जोशी, वित्त नियंत्रक एवं कार्यक्रम संचालिका डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव सहित लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।