साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : पुलिस आयुक्त

Spread the love

कानपुर, 03 फरवरी । पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मंगलवार को कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठगी तेजी से बढ़ रही है और इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय सतर्कता एवं जागरूकता है। किसी भी अज्ञात मोबाइल नंबर, ई-मेल, व्हाट्सएप संदेश, लिंक अथवा फाइल पर बिना जांच क्लिक न करें। किसी को भी ओटीपी साझा न करें। साइबर फ्राड की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें, जिससे समय रहते धनराशि की रिकवरी संभव हो सके।

होटल एवं आतिथ्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में होटल व्यवसाइयों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि होटल में कार्यरत समस्त हाउसकीपिंग स्टाफ, सेफ, सुरक्षा गार्ड आदि का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराया जाए। होटल, गेस्ट हाउस एवं पार्टी लॉन में सीसीटीवी कैमरे लगाए और उनकी फुटेज कम से कम एक माह तक सुरक्षित रखे। कैमरों की व्यवस्था सड़क, पार्किंग और पोर्टिको क्षेत्र को कवर करने वाली होनी चाहिए।

पुलिस आयुक्त ने देर रात्रि तक होने वाले आयोजनों में महिला स्टाफ की तैनाती, उनके सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था और होटल परिसरों में डीएफएमडी लगाने और प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने पर भी जोर दिया। साथ ही होटल में ठहरने वाले सभी आगंतुकों की पहचान, प्रमाणिक मोबाइल नंबर एवं स्थानीय संदर्भ का विवरण सुरक्षित रखने तथा किसी भी विदेशी नागरिक के ठहरने की स्थिति में नियमानुसार सूचना देने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि होटल, रेस्टोरेंट एवं पार्टी लॉन में अवैध हुक्का बार, नशीले पदार्थों एवं असामाजिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में अनुमति न दी जाए।

इसके बाद उपस्थित कारोबारियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखे, जिन पर पुलिस आयुक्त ने संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा अनावश्यक परेशानी या अवैध मांग की जाती है तो इसकी सूचना सीधे उन्हें दे। । गोष्ठी के अंत में पुलिस आयुक्त ने होटल कारोबारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।