म्यांमार में अवैध तरीके से घुसे सात विदेशी नागरिक 11 दिन की एनआईए हिरासत में

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नई दिल्ली, 17 मार्च । पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने भारत आकर उत्तर-पूर्व के जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने के आरोपित सात विदेशी नागरिकों को 11 दिनों की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं, ऐसे में उनको हिरासत में पूछताछ की जरुरत है।

कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि ये विदेशी नागरिक म्यांमार में अवैध तरीके से घुसे और मिजोरम के संरक्षित इलाकों में प्रवेश कर जातीय समूहों से संपर्क कायम किया। आरोपितों पर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने, जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने और उन्हें ड्रोन चलाने में सहयोग करने का आरोप है। इन सात विदेशियों में तीन यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। विदेशी नागरिकों को लखनऊ से और एक अमेरिकी नागरिक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था।

एनआईए ने इन विदेशी आरोपितों की 15 दिनों की हिरासत की मांग की थी। एनआईए के मुताबिक ये विदेशी वीजा पर भारत आए और फिर मिजोरम में प्रवेश किया, जो एक संरक्षित क्षेत्र है। इसके बाद वे म्यांमार में दाखिल हुए और जातीय युद्ध समूहों से संपर्क साधा। एनआईए के मुताबिक इन विदेशी नागरिकों को म्यांमार में प्रशिक्षण दिया गया था, जिसके बाद वे जातीय युद्ध समूहों को प्रशिक्षित कर रहे थे। ये समूह भारत में सक्रिय विद्रोही समूहों से जुड़े हुए हैं। यह आरोप भी लगाया गया है कि वे यूरोप से ड्रोन की एक बड़ी खेप लेकर आए थे। एनआईए ने इनके खिलाफ यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।