नई दिल्ली, 09 मार्च । कड़कड़डूमा ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में आरोपित शरजील इमाम को अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 10 दिनों के लिए 20 से 30 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने शरजील इमाम को 50 हजार के मुचलके पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने शरजील इमाम को निर्देश दिया कि वो अंतरिम जमानत के दौरान मीडिया से कोई बात नहीं करेगा। कोर्ट ने शरजील इमाम को इस दौरान सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि अंतरिम जमानत के दौरान शरजील इमाम अपने परिवार के सदस्यों के अलावा किसी से भी मुलाकात नहीं करेगा और अपने भाई के शादी वाले घर में ही रहेगा। कोर्ट ने शरजील इमाम को 30 मार्च को सरेंडर करने का आदेश दिया। शरजील इमाम ने अपने छोटे भाई की शादी के लिए चार हफ्ते की अंतरिम जमानत की मांग की थी। शरजील इमाम ने अंतरिम जमानत याचिका में अपनी बीमार मां का भी हवाला दिया था।
उच्चतम न्यायालय ने 5 जनवरी को शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज किया था। उच्चतम न्यायालय ने शरजील इमाम के साथ ही उमर खालिद की जमानत याचिका भी खारिज कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि दोनों आरोपितों की इस साजिश में केंद्रीय भूमिका है।
शरजील इमाम को 25 अगस्त, 2020 को बिहार से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत दाखिल चार्जशीट में कहा है कि शरजील इमाम ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को अखिल भारतीय स्तर पर ले जाने के लिए बेताब था और ऐसा करने की जी तोड़ कोशिश कर रहा था। शरजील इमाम के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कहा गया कि शरजील इमाम ने केंद्र सरकार के खिलाफ घृणा फैलाने और हिंसा भड़काने के लिए भाषण दिया जिसकी वजह से दिसंबर, 2019 में हिंसा हुई।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए)
के विरोध की आड़ में गहरी साजिश रची गई थी। इस कानून के खिलाफ मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रचार किया गया। यह प्रचार किया गया कि मुस्लिमों की नागरिकता चली जाएगी और उन्हें डिटेंशन कैंप में रखा जाएगा।