रायगढ़, 31 दिसंबर ।छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद बीते दो वर्षों में रायगढ़ जिले ने विकास की जिस गति को पकड़ा है, उसने जिले की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के स्पष्ट विजन का ही परिणाम है कि रायगढ़ विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।
साय सरकार का दावा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण तक हर क्षेत्र में योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंच रहा है। गरीबों के लिए पक्के मकान का सपना रायगढ़ में हकीकत बनता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में रायगढ़ ने पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य के विरुद्ध 35 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया, शहरी क्षेत्रों में भी पात्र परिवारों को अपने पक्के घर का सुख मिला है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में स्पष्ट बदलाव आया है।
शिक्षा के क्षेत्र में रायगढ़ को नई पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है। 42.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर न केवल प्रदेश की सबसे बड़ी हाईटेक लाइब्रेरी होगी, बल्कि रायगढ़ को एक प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ते कदमों के तहत 2.19 लाख से अधिक स्कूली बच्चों की अपार आईडी डिजिटल पहचान तैयार की जा चुकी है। स्कूली शिक्षा के साथ बच्चों को आईआईटी, जेईई, नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रायगढ़ जिले में प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की पहल पर आश्रम एवं छात्रावास में रहने वाले कक्षा 9वीं और 10वीं के 1860 छात्रों को स्कूल के दौरान गरम टिफिन भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बच्चों की उपस्थिति और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है।
शहर के मध्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त हरा-भरा ऑक्सीजोन एवं उद्यान तैयार किया जा रहा है। जहां लोग सैर के साथ योगा व व्यायाम जैसी गतिविधियां कर सकेंगे। शहर के मध्य स्थित केलो पुल का सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक लाईटिंग की गई है, जिससे यह रात में अत्यंत आकर्षक दिखाई देता है। पुसौर के जनपद पंचायत परिसर में नवीन उप पंजीयक कार्यालय प्रारंभ होने से रायगढ़ अनुविभाग अंतर्गत पुसौर तहसील क्षेत्र के लोगों को अब जमीन रजिस्ट्री कार्य के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। रायगढ़ में आधुनिक व उन्नत खेल सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने लगभग 42 एकड़ में 100 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्पोटर््स काम्पलेक्स तैयार किया जा रहा है। जिले में आवश्यकता के अनुरुप पुल-पुलिया, सड़क, स्कूल, हॉस्पिटल, भवन, गार्डन जैसे तमाम विकास के कार्य किए जा रहे है, जिसका लोगों को लाभ मिल रहा है। विगत दो वर्षो में ये सभी विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रही है।
कृषि और किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकताओं में रही है। जिले के 93 हजार से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ मिल रहा है। किसानों को बेहतर बाजार सुविधा देने के लिए पटेलपाली में 6.15 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक मंडी विकसित की जा रही है। सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केलो नहरों के निर्माण और रिमॉडलिंग हेतु 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे हजारों हेक्टेयर खेतों तक पानी पहुंच सकेगा। इसके साथ ही जिले में पॉम ऑयल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर ढाई से तीन लाख रुपये तक की संभावित आमदनी होगी।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना रायगढ़ में बदलाव की प्रतीक बनकर सामने आई है। जिले की तीन लाख से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 22 किस्त की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है, जिससे उनके आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता में वृद्धि हुई है। वहीं, लखपति दीदी योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट निर्माण और वितरण जैसे कार्य सौंपकर उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ा गया है।