डॉ. दास महेश शर्मा ने कहा कि पांगणा की भूमि शिवमय है और यहां शिव सहचरणी शक्ति, सिद्धों, नागों एवं गणों सहित साक्षात विराजमान हैं। इस पुण्यभूमि की देव परंपराओं में आस्था और विश्वास के दर्शन होते हैं। शिवपुराण कथा की अंतिम संध्या को 20 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोकगायक कुलदीप शर्मा ने भजनों के गायन से वातावरण को देवमय बना दिया। कुलदीप शर्मा भी शिमला जिले के ठियोग उपमण्डल से सम्बन्ध रखते हैं। इन्होंने अपनी सुमधुर आवाज से लोक गीतों को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। डॉ. दास महेश शर्मा और कुलदीप शर्मा ने आपदा पीड़ित परिवारों के लिए करसोग के एस.डी.एम. गौरव महाजन को एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये की राशि प्रदान की।