समारोह का उद्घाटन देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या तथा गायत्री विद्यापीठ की व्यवस्था प्रमुख श्रीमती शैफाली पंड्या ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम का आरंभ ओजस्वी राष्ट्रभक्ति गीत के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण में देशभक्ति का जोश भर दिया। इसके बाद नौनिहालों ने शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।
प्रतिकुलपति डॉ. पंड्या ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल भावना मनुष्य को अनुशासन, एकता और आत्मविश्वास प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास है, जिसमें खेलकूद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्रीमती शैफाली पंड्या ने विद्यापीठ द्वारा बच्चों को सुसंस्कृत बनाने के प्रयासों की सराहना की।
अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में शामिल समूह नृत्य के माध्यम से लघु भारत की शानदार झलक प्रस्तुत कर बच्चों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वार्षिकोत्सव के पहले दिन विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताएँ दौड़, नीबू दौड़, योग-प्रदर्शन तथा बालक-बालिकाओं की अलग-अलग खेल गतिविधियाँ आयोजित की गईं। बच्चों ने अपनी प्रतिभा और उत्साह का शानदार प्रदर्शन किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों में शामिल निकुंज, कंचन, युगनीत, पार्थ, वेदांत, मानवी, हर्ष, प्राची, आर्यन लक्ष्य, केशव, दीपक, कुशल, ओजस्वी, स्वधा, प्रखर, अवनी, विहान, चेतन प्रतिज्ञा, अहान, परमीत, शिवांश, भावेश, आरोही, कार्तिक, आद्या सिंह, शौर्य, कविता, शिवांश, लक्ष्य, खुशी, नंदगिरि, अदिति, यथर्व योगिता कविन्द्र आदि। इन विजयी छात्र-छात्राओं को गायत्री विद्यापीठ की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं मेडल से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।