अंबिकापुर : शिकार के लिए बिछाए करंट तार ने ली युवक की जान, 6 ग्रामीण गिरफ्तार

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अंबिकापुर, 26 मार्च । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाए गए करंट तार ने एक युवक की जान ले ली। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस अवैध शिकार में शामिल छह ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया है।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित मूसाखोल नर्सरी में मंगलवार रात दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। इस घटना में एक सियार की भी जान चली गई।

मृतक की पहचान मुर्ताडांड निवासी मिसरा यादव (37) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह अपने साले और दो अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में लकड़ी लेने गया था। इसी दौरान रात करीब 10 बजे वह करंट वाले तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसे बचाने की कोशिश में उसका साला भी झुलस गया।

घटना के बाद वन विभाग और पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें खुलासा हुआ कि कुछ ग्रामीण कई दिनों से जंगल में करंट फैलाकर जंगली जानवरों का अवैध शिकार कर रहे थे। मौके से करीब 1300 मीटर लंबा जीआई तार बरामद किया गया, जिसे 11 केवी विद्युत लाइन से जोड़ा गया था।

जांच के आधार पर वन विभाग की टीम ने छह आरोपिताें काे आज गुरूवार को गिरफ्तार किया है। इनमें जाहूर साय (70), जयपाल साय (45), निर्मल कुजूर (65), घुर साय (38), विश्वनाथ माझी (46) और श्यामसुंदर कुजूर (25) शामिल हैं।

आरोपिताें के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 और उसके संशोधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं, कमलेश्वरपुर पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। सभी आरोपिताें को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

यह घटना एक बार फिर जंगलों में अवैध शिकार के खतरनाक तरीकों को उजागर करती है, जो न केवल वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहे हैं।