सरगुजा में रेत माफियाओं का आतंक, मांड नदी के बाद अब मैनी नदी पर अवैध खनन, प्रशासन मौन

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अंबिकापुर,19 फरवरी ।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में रेत खनन के लिए तय नियम-कायदों को दरकिनार कर रेत माफिया खुलेआम अवैध खनन और परिवहन कर रहे हैं। नदी-नालों से बेधड़क रेत निकालकर उसे हाइवा जैसे भारी वाहनों में भरकर प्रशासन की आंखों के सामने परिवहन किया जा रहा है। खनिज विभाग की निष्क्रियता और प्रभावी कार्रवाई के अभाव में रेत माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।

क्षेत्र में लंबे समय से मांड नदी रेत माफियाओं का प्रमुख ठिकाना बनी हुई है। मुख्यालय से सटे ग्राम भिठुवा, केसला, मंगरेलगढ़, नावाटोली, प्रतापगढ़, ढेलसरा, काराबेल और महारानीपुर से होकर बहने वाली मांड नदी में वर्षों से बिना अनुमति अवैध खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं, क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसा नाला बचा हो जहां रेत का अवैध उत्खनन न हो रहा हो। पहले कार्रवाई के डर से रेत का परिवहन रात के अंधेरे में किया जाता था, लेकिन अब माफिया दिनदहाड़े खुलेआम रेत ढो रहे हैं।

अवैध खनन के कारण मांड नदी का स्वरूप तेजी से बदलता जा रहा है और उसके अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नदी में जगह-जगह गहरे और जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं, जो बरसात के दिनों में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही बेतरतीब खुदाई से भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध रेत खनन पर रोक नहीं लगी, तो इसका खामियाजा आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ सकता है। बावजूद इसके प्रशासनिक अमला और खनिज विभाग कार्रवाई करने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मांड नदी के अंधाधुंध दोहन के बाद अब रेत माफियाओं की नजर मैनी नदी पर जा टिकी है। बताया जा रहा है कि सरगुजा जिले की सीमा से लगे गांव सरगा से होकर बहने वाली मैनी नदी को माफियाओं ने नया ठिकाना बना लिया है। यहां पिछले कई दिनों से जेसीबी मशीन लगाकर अवैध रूप से रेत खनन किया जा रहा है। खनन के बाद रेत को हाइवा वाहनों के जरिए जशपुर, सरगुजा समेत अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों तक खपाया जा रहा है। इस अवैध कारोबार से जहां रेत माफिया मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, वहीं शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इस संबंध में एसडीएम रामसिंह ठाकुर ने कहा कि अवैध रेत खनन एवं परिवहन के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई कर मांड और मैनी नदियों को बचाया जाए, ताकि भविष्य में पर्यावरण और जलस्तर पर गंभीर संकट उत्पन्न न हो।