यमुनानगर, 26 जनवरी । यमुनानगर जिले के दामला गांव निवासी किसान धर्मवीर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नवाचार केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है। किसानों की जरूरतों और व्यावहारिक समस्याओं से उपजा उनका नया प्रयोग अब डेयरी क्षेत्र में बड़ी संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। धर्मवीर ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसके माध्यम से लस्सी को पाउडर के रूप में संरक्षित किया जा सकता है।
यह पाउडर न केवल लंबे समय तक सुरक्षित रहता है, बल्कि स्वाद और पोषण के लिहाज से भी पारंपरिक लस्सी के करीब है। इस तकनीक की खास बात यह है कि चुटकी भर पाउडर से कहीं भी और कभी भी लस्सी तैयार की जा सकती है। दूध की उपलब्धता, मौसम या भंडारण जैसी दिक्कतें अब आड़े नहीं आएंगी। परीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को परखा, जिसमें यह पूरी तरह सफल साबित हुई।
किसान धर्मवीर के अनुसार एक क्विंटल लस्सी से लगभग 12 किलोग्राम पाउडर तैयार किया जा सकता है, जिसे दूर-दराज के इलाकों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। करीब ढाई लाख रुपये की लागत से विकसित यह मशीन केवल लस्सी पाउडर तक सीमित नहीं है। इसे मल्टीपर्पज स्वरूप में तैयार किया गया है, जिससे अन्य दुग्ध उत्पादों और कृषि आधारित प्रसंस्कृत वस्तुओं का निर्माण भी संभव है। गर्मियों में जब दूध उत्पादन घटता है और लस्सी की मांग बनी रहती है, तब यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए भी यह पाउडर ताजी लस्सी जैसा अनुभव प्रदान कर सकता है। धर्मवीर का नवाचार पशुपालन के क्षेत्र में भी लाभकारी माना जा रहा है। कैल्शियम से भरपूर यह पाउडर पशुओं के आहार में उपयोग किए जाने पर उनके स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन में सहायक हो सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इसे डेयरी सेक्टर के लिए एक व्यावहारिक और दूरगामी समाधान मान रहे हैं।
किसान धर्मवीर का नवाचार सफर वर्ष 1996 में औषधीय फसलों की खेती से शुरू हुआ था। वर्ष 2006 में उन्होंने अपनी पहली मल्टीपर्पज मशीन तैयार की, जिसके बाद उनके प्रयोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। आज उनकी मशीनें भारत के कई राज्यों के अलावा अफ्रीका, अमेरिका और एशिया के अनेक देशों में उपयोग की जा रही हैं। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है।