खूंटी, 07 मार्च । बेल्जियम से आई एक प्रतिनिधिमंडल टीम ने शनिवार को तोरपा पहुंचकर फादर कॉन्स्टेंट लीवेंस से जुड़े ऐतिहासिक स्थल काे देखा। यह स्थल छोटानागपुर क्षेत्र में आदिवासी अधिकारों और न्याय की लड़ाई के इतिहास का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
जानकारी के अनुसार टीम शुक्रवार की शाम बेल्जियम से भारत पहुंचकर पहले सिमडेगा गई थी। वहां से शनिवार को तोरपा पहुंचकर ऐतिहासिक स्थल का दौरा किया और इसके बाद अड़की प्रखंड के कोचांग के लिए रवाना हो गई।
बताया जाता है कि वर्ष 1885 से 1892 के बीच फादर कॉन्स्टेंट लीवेंस तोरपा में रहकर छोटानागपुर क्षेत्र के आदिवासी समुदायों के लिए लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा जाता है कि तोरपा स्थित अपने कार्यालय से वे गांवों से आने वाले लोगों की समस्याएं सुनते थे और उनके लिए याचिकाएं और कानूनी अपील तैयार करते थे। इसके साथ ही उन्होंने मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों का संकलन और संरक्षण भी किया।
उनके प्रयासों से हजारों लोगों को न्याय और सहारा मिला। बाद में 26 अगस्त 1892 को वे बेल्जियम लौट गए और 7 नवंबर 1896 को उनका निधन हो गया।