उपायुक्त ने स्टांप और रजिस्ट्री विभाग को दिया डिजिटल रजिस्ट्री बढ़ाने का निर्देश

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रांची, 22 जनवरी । समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में गुरुवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिले के आंतरिक वित्तीय संसाधनों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक का उद्देश्य जिले के आंतरिक स्रोतों से प्राप्त होने वाले राजस्व (स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री शुल्क, खनन रॉयल्टी, बाजार शुल्क, परिवहन शुल्क, जलकर, संपत्ति कर) में वृद्धि करना और लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करना था।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य आंतरिक वित्तीय संसाधनों को मजबूत करके विकास कार्यों में स्वावलंबन बढ़ाना है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक धन उपलब्ध होगा और जनकल्याणकारी कार्य तेजी से हो सकेंगे।

बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप अब तक की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्टांप और रजिस्ट्री विभाग को डिजिटल रजिस्ट्री बढ़ाने एवं अवैध लेनदेन पर नजर रखने का निर्देश दिया।

अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई करने का निेर्देश

वहीं अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई एवं रॉयल्टी संग्रहण में वृद्धि के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों से परिवहन विभाग को वाहन कर संग्रहण में सुधार और ई-चालान प्रणाली को मजबूत करने को कहा।

वहीं बाजार समितियों और पंचायतों से प्राप्त शुल्क में पारदर्शिता लाने एवं ऑनलाइन संग्रहण प्रणाली लागू करने का भी निर्देश दिया गया।

इसके अलावा नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर संग्रहण बढ़ाने के लिए सर्वेक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। जलकर संग्रहण में डिफॉल्टरों पर जुर्माना और कनेक्शन काटने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिया गया।

बैठक में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने, जीएसटी एकीकरण और राजस्व पोर्टल के माध्यम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्णय लिया गया।

उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को समय पर लक्ष्य प्राप्ति के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और मासिक समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट देने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंतरिक संसाधनों की मजबूती से जिला विकास में नई गति आएगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

बैठक में अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला खनन पदाधिकारी जिला राजस्व पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी के अलावा जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।