रांची, 09 मार्च । झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को दो शीर्ष अधिकारियों (आईएएस और आईपीएस) के बीच कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर सदन में चर्चा हुई। संसदीय कार्य सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जिस ऑडियो रिकॉर्डिंग का जिक्र किया जा रहा है, वह फिलहाल सरकार के पास उपलब्ध नहीं है। यदि यह रिकॉर्डिंग सरकार को उपलब्ध कराई जाती है तो सरकार इस पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कराएगी।
वित्त मंत्री यह जवाब भाजपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से उठाए गए सवाल के दौरान दे रहे थे। बाबूलाल मरांडी ने सदन में कहा कि पिछले दिनों झारखंड के दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग राज्यभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्डिंग पूरे राज्य में घूम रही है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक सरकार के पास नहीं पहुंची है।
मरांडी ने कहा कि यदि सरकार के पास यह रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है, तो वह अगले दिन सदन में इसे उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि राज्य के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की बातचीत की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक हो सकती है, तो भविष्य में विधानसभा अध्यक्ष और विधायकों की बातचीत भी सामने आ सकती है। ऐसे में इस मामले की गंभीर जांच आवश्यक है।