धर्म नीति के अनुसार होनी चाहिए भारत की राजनीति : देवी कृष्ण प्रिया

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पलामू, 04 फ़रवरी । मेदिनीनगर के रेडमा में नवनिर्मित श्री परशुराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा और शिव पुराण कथा में शामिल होने के लिए वृंदावन से आई देवी कृष्ण प्रिया ने सनातन धर्म की मजबूती के लिए एकजुटता पर बल दिया। उन्हाेंने लाेगाें से गौहत्या पर रोक लगाने की अपील की। देवी कृष्ण प्रिया ने धर्म नीति के अनुसार भारत की राजनीति पर बल दिया। उन्हाेंने यह बातें बुधवार काे मीडिया से बात करते हुए कही।

उन्‍हाेंने कहा कि अधर्म का नाश करने के लिए शास्त्र के साथ शस्त्र का भी होना जरूरी है। सनातन धर्म का महान आस्तित्व है और इसे परिभाषित नहीं किया जा सकता। इसे हवा, जल, प्रकाश, पेड़ पौधे सहित अन्य में महसूस किया जा सकता है।

उन्होंने बढ़े पाप पर चर्चा करते हुए कहा कि आज पूरे देश में आध्यात्मिक कार्यक्रम ज्यादा होते हैं लेकिन इन आयोजनों में कही गई बातों का अनुसरण लोग नहीं करते। जो सदाचारी लोगों में होनी चाहिए वह नजर नहीं आती। धार्मिक कथा को ढंग से लोग नहीं सुनते। आचरण में नहीं उतारते। अनुदान देते हैं लेकिन अपने आप को धर्म के प्रति समर्पित नहीं करते। इसी कारण नैतिकता का पतन होता है और पाप बढ़ता है।

भगवान परशुराम की ओर से क्षत्रियों के नाश पर कहा कि जो क्षत्रीय अधर्मी थे, परशुराम ने केवल उनका नाश किया। जो धर्म के मार्ग पर चल रहे थे उनका कोई नुकसान नहीं हुआ। यह पूछे जाने पर कि अन्य देवी देवताओं की तरह भगवान परशुराम की पूजा नहीं होने उन्होंने कहा कि भगवान के 24 अवतार हैं इनमें से कई के मंदिर तक नहीं हैं। राम-कृष्ण पूर्ण अवतार थे। इस कारण उनकी पूजा हर जगह होती है। देवी कृष्ण प्रिया ने कहा कि हमें वर्ग में न बंटकर उत्कृष्ट और आदर्श बनने की जरूरत है।

मौके पर काशी विश्वनाथ वाराणसी से आए कर्मकांडी विमल दास ने पत्रकारों को सम्मानित किया।

मौके पर परशुराम सेना भार्गव के जिला अध्यक्ष के मधुकर शुक्ला, संस्थापक सदस्य अमित तिवारी, मुकेश तिवारी, सदस्य अनिमेश शुक्ला, रंजीत तिवारी, मीडिया प्रभारी नीतेश तिवारी मौजूद थे।