बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए बनेगी नई गाइडलाइन : अजय सिंह

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राज्य में बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई।

इस दौरान मुख्य रूप से झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्टल निस्ता्रण करने के लिए एक नई कॉम्प्रिहेंसिव गाइडलाइन तैयार करने का ठोस निर्णय लिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक व्यापक गाइडलाइन बनाई जाए, जिसका पालन राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

मौके पर डीआईसी डॉ सिद्धार्थ सान्याल और डॉ रंजीत ने बताया कि वर्तमान में राज्य में पांच कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी संचालित हैं, जहां बायो-मेडिकल कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नई गाइडलाइन के तहत कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा। कचरे के उठाव से लेकर अंतिम निस्तारण तक बारकोडिंग और जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था मजबूत होगा। बिना उपचार वाले कचरे को 48 घंटे से अधिक समय तक संग्रहित करने पर रोक लगाई जाएगी।

बैठक में कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें पर्यावरण मुआवजा दंड लगाने के साथ-साथ संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल होगी।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।