मगही और भोजपुरी को बचाने के लिए मोर्चा ने किया धरना प्रदर्शन

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पलामू, 03 अप्रैल । समाहरणालय के सामने सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में मगही-भोजपुरी भाषा बचाओ अभियान के तहत शुक्रवार को एक दिवसीय धरना दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के राज्य सदस्य बिनोद तिवारी ने की, जबकि संचालन अमलेश कुमार चौरसिया और अनुज दुबे ने किया। धरना में बड़ी संख्या में सहायक अध्यापकों ने भाग लिया।

धरना में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने हर हालत में मगही-भोजपुरी भाषा को बचाने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि मगही और भोजपुरी को बचाने के लिए अंतिम दम तक लडूंगा। कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव नेता रुचिर तिवारी ने मगही भोजपुरी को बचाने को लेकर समर्थन दिया।

भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि मगही और भोजपुरी हमारी मान सम्मान और पहचान हैं। हेमंत सोरेन जी जल्द होश में आ जाएं नहीं तो जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा।

वहीं भाजपा के ही भीष्म चौरसिया और जिला परिषद सदस्य रामलव चौरसिया ने आंदोलन के समर्थन में अपना विचार व्यक्त किया। धरना के बाद शहर भ्रमण किया गया। कचहरी से तीनकोनिया गैरेज होते हुए कोयल होटल मोड़ से पंचमुहान के बाद छहमुहान पर कार्यक्रम को समाप्त किया गया।

मौके पर बिनोद तिवारी ने कहा कि आज का आन्दोलन शुरुआत है। आगे आक्रामक आंदोलन चलाया जाएगा, जिसमें मशाल जुलूस, पुतला दहन किया जाएगा।

कार्यक्रम में अमलेश कुमार चौरसिया, अनुज दुबे, डालटनगंज विधायक के विधायक प्रतिनिधि अमलेश चौरसिया, भाजपा नेता रामकरेश चौरसिया, बिपुल तिवारी, जनेश्वर सिंह, राम रूप चौरसिया, संजय दुबे, धनंजय चौरसिया, महेन्द्र राम सहित अन्य सहायक अध्यापक शामिल थे।