जातिगत भेदभाव की कुत्सित भावना काे समाज से दूर करने की जरूरत : मुनीश

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झांसी, 27 जनवरी । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने व देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्रसाल नगर की नारायणी बस्ती में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित हुआ। हिन्दू सम्मेलन का शुभारंभ मां भारती की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में कानपुर प्रान्त के सह प्रान्त प्रचारक मुनीश ने अपने संबोधन में कहा कि जातिगत भेदभाव की कुत्सित भावना काे समाज से दूर करने की आवश्यकता है।

मुख्य वक्ता कानपुर प्रान्त के सह प्रान्त प्रचारक मुनीश ने बताया कि दूसरे का कल्याण करना ही धर्म है। हमारे पूर्वजों ने हमें समझाया। उन्होंने बताया कि जीवन हमें अनुशासित होना सिखाता है। 84 लाख योनियों की चर्चा केवल भारत में ही की जाती है। दुनिया के लोग केवल पुरषों में जीव मानते हैं महिलाओं में नहीं मानते। हमें गर्वान्वित होना चाहिए कि हम हिन्दू हैं। क्योंकि विश्व का कल्याण केवल हिन्दू ही चाहता है। विष्णु पुराण में भारत की सीमाओं को बताया गया है। भारत ही सबसे अधिक उपजाऊ भूमि है। विश्व में केवल भारत पर ही भगवान की कृपा है। धरती हमारे पालन पोषण करने का काम करती है इसलिए हमलाेग इसे मां कहते हैं। परिवार वही जिसमें छल कपट प्रपंच नहीं होता। युद्ध में भी भारत नियमों को मानता था। त्याग की भावना हर हिन्दू में विद्यमान रही। वर्तमान में कमजोर होती सनातन संस्कृति पर उन्होंने चिंता भी जताई। कहा, जब हम बच्चों को कुछ सिखाएंगे तो वे सीखेंगे। यदि हम अपनी संस्कृति की शिक्षा देंगे तो सीखेंगे। उन्होंने वेद-पुराणों व ग्रथों का जिक्र करते हुए उन्होंने विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने शिकागो में स्वामी विवेकानंद के संबोधन का भी जिक्र किया। आगे कहा, सभी हिन्दू भाई-भाई हैं। किसी में कोई भेदभाव नहीं है। इसलिए हम सब एक साथ चलें। एकमत रहें। सारे समाज को एकत्रित होकर साथ में चलना चाहिए। इसका अभ्यास करना चाहिए।

अध्यक्ष मनोज सिंह ज्ञानी मुख्य ग्रंथी- गुरु गोविन्द सिंह ने कहा कि सभी को इस देश में मेल मिलाप के साथ रहना चाहिए। जाति पाति के भेद भाव से ऊपर उठकर देश हित में काम करना चाहिए।

मुख्य अतिथि ओमप्रकाश बाल्मीकि ने कहा कि मैं सभी का ऋणी हूं जिन्होंने मुझे मंच पर बुलाया। सभी ऊंच नीच से दूर रहें। उन्होंने कहा कि बाल्मीकि समाज ने श्रीराम के नाम को चहुं ओर फैलाने का कार्य किया। हम सभी हिन्दू हैं।

विशिष्ट अतिथि तीर्थेश ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऋग्वेद में एक श्लोक के माध्यम से बताया कि देवों के द्वारा स्थापित देश हिन्दुस्थान है। उन्होंने दूसरी परिभाषा बताते हुए कहा कि जो हीन भावना से दूर रखे वह हिन्दू है। उन्होंने पंच परिवर्तन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कुटुम्ब प्रबोधन का बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए श्रीरामचरितमानस मानस के उदाहरण से सभी को हिन्दुत्व के सिद्धांतों और प्रभु श्रीराम के पितृ आज्ञा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि तमाम सामाजिक कालनेमियों से सावधान रहने की जरूरत है। हमें भारतीय परिवेश पर गर्व होना चाहिए।

इससे पूर्व बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन पर भारत माता की आरती की गई। साथ ही कुटुम्ब प्रबोधन की ओर से संगठित परिवारों में रहने वाले लोगों का मंच से अतिथियों ने सम्मान भी किया।

इस अवसर पर महानगर प्रचारक सक्षम, महानगर कार्यवाह मुकुल, नरेंद्र गुप्ता, आशुतोष, विनय, अतुल, अजय, वासुदेव, वशिष्ठ उपाध्याय, अकिंचन, मनीष, श्याम जी कृष्ण मिश्रा, रजनीश, परमजीत, जय किशन,अतुल मिश्रा, मुकेश अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, संजय लिखधारी, धर्मेन्द्र, वैभव अग्रवाल, राकेश सेन आदि उपस्थित रहे।