अधिक अंक के चलते सामान्य वर्ग के पद पर हुई तो आरक्षित पद भरा जाएगा समान श्रेणी से

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जयपुर, 18 फरवरी । राजस्थान हाईकोर्ट ने आवासन मंडल की कनिष्ठ न्यायिक सहायक भर्ती-2023 से जुडे मामले में कहा है कि नियमानुसार यदि आरक्षित श्रेणी का अभ्यर्थी अधिक अंक लेकर ओपन कैटेगरी में आता है तो वह पद उसी श्रेणी के अभ्यर्थी से भरा जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने मामले में एकलपीठ की ओर से दिए आदेश को सही माना है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश आवासन मंडल की याचिका को खारिज करते हुए दिए।

अपील में एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें प्रार्थी जसलोक यादव के पक्ष में फैसला देते हुए ओबीसी श्रेणी में नियुक्त अंतिम चयनित अभ्यर्थी के बाद अगले मेरिट वाले अभ्यर्थी के होने के कारण उस श्रेणी में उसके नियुक्ति दावे को सही माना था।

याचिका से जुडी अधिवक्ता आराधना स्वामी ने बताया कि आवासन मंडल ने कनिष्ठ न्यायिक सहायक के 9 पदों पर भर्ती निकाली थी। जिसमें दस्तावेज सत्यापन के लिए 26 अभ्यर्थियों को बुलाया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक अभ्यर्थी का चयन ओपन कैटेगरी में हो गया, ऐसे में आरक्षित श्रेणी का पद खाली रह गया। जिस पर प्रार्थी जसलोक यादव ने एकलपीठ में याचिका दायर कर कहा कि वह ओबीसी श्रेणी में मेरिट के आधार पर अगले स्थान पर था, इसलिए उसकी दावेदारी पर विचार करें। एकलपीठ ने आदेश देते हुए उसकी उम्मीदवारी पर विचार करने का आदेश दिया। इस आदेश को आवासन मंडल की ओर से खंडपीठ में चुनौती दी गई थी।