ज्योतिर्मठ, 08 फ़रवरी । उर्गम घाटी के भर्की, भेटा, पिलखी ग्वाणा की ईष्ट देवी मां कालिंका देवरा रथ यात्रा नौ महीनों के भ्रमण के बाद अपने मूल स्थान भर्की पहुंच गई है, सोमवार 9फरवरी से 22फरवरी तक भर्की गाँव मे विभिन्न आयोजन होंगे। रथ यात्रा समिति भर्की, भेटा, पिलखी ग्वाणा ने समापन मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली है।
समापन मेला आयोजन के तहत 9फरवरी को गणेश भत्ता, उसके बाद परंपरानुसार क्रमवार भूमियाल भत्ता, स्वनुल भत्ता, पुजारी भत्ता, पदान भत्ता, कालिंका भत्ता,के न्यूतेर आगमन व ध्याणी भत्ता के बाद 22फरवरी को समस्त देवी देवताओं के अवतरण-आशीर्वाद के साथ मेले का समापन होगा।
माँ कालिंका देवरा यात्रा का शुभारंभ गत वर्ष 10जुलाई को हुआ था, करीब 945किमी की पैदल यात्रा व 98गावों मे पहुंचकर ध्याणीयों को आशीर्वाद दिया। इस दौरान रुद्रनाथ, बद्रीनाथ, भविष्य बद्री, योग बद्री, बृद्ध बद्री, ध्यान बद्री, अनसूया देवी व भगवान गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर मे देव मिलन के बाद अपने मूल स्थान मे पहुंची है।
945किमी की देवरा रथ यात्रा 35 लोगों के साथ ही भूमियाल देवता के पश्वा लक्ष्मण सिंह नेगी, दाणी देवी के प्रतिनिधि रणजीत सिंह, धारी अशोक सिंह, प्रदीप, अरविन्द, सुभाष रावत, महेन्द्र सिंह, प्रताप सिंह, दर्शन सिंह, गुडबीर सिंह चौहान, मेला समिति के सचिव रघुबीर सिंह चौहान, जागरवेत्ता लक्ष्मण सिंह के साथ ही कुल पुरोहित उर्गम के सेमवाल परिवार से क्रमवार कुल पुरोहित, ब्राह्मण साथ रहे।