ग्राम लोहरसी के किसान राकेश जगबेड़हा, हरिराम नेताम एवं बृजलाल ढीमर ने बताया कि ग्राम विकास समिति लोहरसी द्वारा रबी सीजन में दलहन – तिलहन लगाने का निर्णय लिया गया है। वहीं निर्णय का पालन नहीं करने पर दंड का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय से 20 से अधिक किसानों को लगभग 50 एकड़ की किसानी प्रभावित होगी। इसको लेकर ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष को उक्त निर्णय पर फिर से विचार करने की मांग की है। प्रभावित किसानों का हस्ताक्षरयुक्त पत्र सौंपा गया है। कहा कि हमारी खेतों में धमतरी शहर के नाले का पानी दिसंबर – जनवरी तक बहते रहते हैं। जिसकी वजह से चना, गेहूं आदि फसल नहीं ले सकते हैं। इसके चलते आज कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर रबी सीजन में धान फसल लगाने की अनुमति देने की मांग की है।
धमतरी ब्लाॅक अंतर्गत आने वाले गांवों में खरीफ फसल की कटाई और धान मिंजाई का काम युद्धस्तर से चल रहा हैं। इसके साथ ही कई किसान रबी सीजन में धान फसल लेने की तैयारी में जुट गए हैं। कुछ ग्रामों में रबी सीजन में दलहन-तिलहन फसल लगाने को लेकर निर्णय ग्रामीणों द्वारा लिया जा रहा है। वहीं कुछ किसान समय पर खरीदी और भुगतान नहीं होने से दलहन -तिलहन फसल नहीं लेना चाह रहे हैं। मौसम के असर से भी इस फसल को काफी नुकसान पहुंचता है। इससे बचने किसान धान फसल लेना चाह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में पिछले साल 5650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी की गई थी। चना खरीदी के लिए आठ उपार्जन केंद्र बनाएं गए थे। इसके तहत लोहरसी, छाती, कातलबोड़, तरसींवा, रामपुर, नगरी कुरुद और मगरलोड में चना खरीदी के लिए उपार्जन केंद्र बनाएं गए थे। जहां पंजीकृत किसानों ने समर्थन मूल्य पर चना बेचा था।