15 फरवरी को होगा महाशिवरात्रि,मंदिरों में गुंजेंगे हर हर महादेव : पंडित तरुण झा

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सहरसा, 11 फ़रवरी । ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान एवं फाउंडेशन बिहार के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया है कि हिन्दु पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा करने के लिए यह दिन को सर्वोपरि माना जाता है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी दिन रविवार को पड़ रहा है।यह त्योहार सर्दियों के अंत का भी प्रतीक है और माना जाता है कि यह शिव और शक्ति के अभिशरण का भी दिन है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि महाशिवरात्रि को देवों के देव महादेव और जगत जननी माता पार्वती का विवाह हुआ था।अतः इस दिन का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा बताते है की मिथिला में विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार, संध्या 07.09 के बाद शिव का पूजन-अर्चन श्रृंगार आदि प्रारम्भ कर ले, तो बेहतर होगा,तत्पश्चात गौरी शंकर विवाह उत्सव मनाया जाएगा।महाशिवरात्रि को जन्म जन्मांतर तक भ्रमित जीव मात्र को शिव आराधना-पूजा से भय एवं शोक से मुक्ति मिलती है।शास्त्र व शिवमहापुराण में कहा जन्तुजन्म सहस्रेषु भ्रमन्ते नात्र संशय:।बाबा को पुष्प, बिल्वपत्र,भाँग,धतूरा,एवं दूध से जरूर स्नान करवाये।संभव हो तो इस दिन रुद्राभिषेक भी करवाये।इसका फल अन्य दिनों के अपेक्षा काफ़ी ज्यादा फलदायी है!ज्ञात हो कि भगवान शिव का विवाह हिमालय पुत्री गौरी से विवाह हुआ था।इस परम्परानुसार मिथिला के लोग आज भी वसंत पंचमी के दिन सगुण लेकर भगवान को अर्पित करते है।वही अजगैबी घाट से जल लेकर कांवर चढाते है।साथ ही महाशिवरात्रि को व्रत पालन कर शिव पार्वती विवाह उत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया जाता है।