अशोकनगर,17 फरवरी। मध्य प्रदेश के चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी ने विधानसभा में देश में लोगों के हृदय रोगों से मौतों में कमी लाने और किसानों की घरेलू तेल उत्पादन से आय बढ़ाने एक महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षण लगाया है।
चंदेरी विधायक के अनुसार मंगलवार को विधानसभा में लगाए गए ध्यान आकर्षण में उल्लेख कर कहा गया है कि भारत 55 से 60 फीसदी खाद्य तेल आयात करता वर्ष 2025-26 में 16.7 मिलियन टन अनुमानित, जिसमें पाम ऑयल 8-9 मिलियन टन, जिसमें विदेशी मुद्रा का भारी नुकसान (1.5-2 लाख करोड़ सालाना)होता है। कहा गया है कि जिससे सस्ते आयातित पाम ऑयल से घरेलू तिलहन (सोयाबीन, सरसों) के भाव दबते हैं। और किसान मक्का/अनाज फसलों की ओर शिफ्ट होते हैं। और पाम ऑयल में 50 फीसदी सैचुरेटेड फैट होने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे हृदय रोग/स्ट्रोक जोखिम बढ़ता है।
ध्यान आकर्षण मेकं कहा गया है कि (विकासशील देशों में प्रति किलो अतिरिक्त खपत पर 68 अतिरिक्त मौतें प्रति 1 लाख), एनसीडीएस बोझ बढ़ता है और सरकारी हेल्थ बजट पर अतिरिक्त खर्च (एनसीडीएस से इलाज/ दबाओं)पर पड़ता है। इस कारण प्रमुख लाभ आयात बंद/कम करने से तिलहन खेती बढ़ेगी एवं किसान अनाज से शिफ्ट होकर तिलहन अपनायेंगे और अनाज दर भी बेहतर मिलेंगे।
विधायक ने ध्यान आकर्षण में कहा है कि जिससे किसानों की आया बढ़ेगी एमएसपी पर कम खरीद, सब्सिडी/उर्वरक खर्च कम होगा। तथा विदेशी मुद्रा बचत से रुपया मजबूत होगा। कहा गया है कि उपभोक्ता अब मजबूत है आय बढऩे से वे ऊंची दरों पर घरेलू तेल खरीद सकते हैं। एवं उपभोक्ता वापस सस्ते आयात प्राथमिकता से किसानों को नुकसान बंद होगा। पाम ऑयल से स्वास्थ्य नुकसान हृदय रोग कम होने से सरकारी हेल्थ बजट बचत भी होगी।
कहा गया है कि विकसित भारत /आत्मनिर्भर भारत लक्ष्य मजबूत होगा। केन्द्र से खाद्य तेल पाम ऑयल आयात पर सख्त नीति एवं प्रतिबंध लागू की जाए। कहा गया है कि मध्यप्रदेश में तिलहन एमएसपी खरीद गारंटी, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान एवं किसानों को फसल शिफ्ट के लिए टे्रनिंग बाजार लिंकेज, सदन में विस्तृत चर्चा और कार्य योजना प्रस्तुत की जाए यह अत्यंत राष्ट्रहित में है।