ग्वालियर, 06 अप्रैल । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप प्रदेश भर में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को जन-जन का अभियान बनाया जाए। सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण और संधारण का कार्य हाथ में लिया जाए। बरसात के दौरान एक पेड़ माँ के नाम अभियान के लिये भी अभी से तैयारी की जाए।
यह बात मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सोमवार को मुरार सर्किट हाउस में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर यह दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संसाधन विभाग के सभी जलाशयों, तालाबों और नहरों के आसपास वृक्षारोपण की तैयारी अभी से की जाए। इसके साथ ही जल संरचनाओं के संरक्षण और संधारण का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जाए।
प्रभारी मंत्री सिलावट ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संसाधन विभाग विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जन-जन को जोड़ते हुए इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जल संरचनाओं के कैचमेट एरिया में अगर कोई भी अतिक्रमण हो तो उसे तत्परता से हटाकर कैचमेट एरिया क्लीयर किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अधिक से अधिक कार्य हाथ में लेकर बरसात से पूर्व इन कार्यों को पूर्ण किया जाए।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता आर सी वर्मा एवं अधीक्षण यंत्री राजेश चतुर्वेदी ने जल संसाधन मंत्री सिलावट को बताया कि विभाग की ओर से जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कार्ययोजना तैयार कर कार्य हाथ में लिए गए हैं। जल संरचनाओं के संरक्षण व संवर्धन के लिये विभागीय स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है।