गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बवाल, देर रात गर्ल्स हॉस्टल पहुंची पुलिस, वारंट को लेकर टकराव

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भोपाल, 14 फ़रवरी । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा रोशनी कलैश की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। शुक्रवार दोपहर परिजन और मेडिकल छात्रों ने कोहेफिजा थाना का घेराव कर जांच में ढिलाई का आरोप लगाया था। इसके कुछ घंटे बाद ही रात करीब 11:30 बजे पुलिस पूछताछ के लिए गांधी मेडिकल काॅलेज के गर्ल्स हॉस्टल डी-ब्लॉक पहुंच गई।

छात्रों का आरोप है कि पुलिस बिना वारंट और लिखित आदेश के हॉस्टल में दाखिल हुई। इसे लेकर मेडिकल स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई, जो रात करीब 2 बजे तक चलती रही। घटना के वीडियो शनिवार काे सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें छात्र पुलिस से लिखित अनुमति दिखाने की मांग करते नजर आ रहे हैं। मौके पर मौजूद एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने कहा कि पुलिस को हर बार अलग से परमिशन की जरूरत नहीं होती। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक अनुमति उनके पास है। हालांकि छात्रों ने लिखित आदेश दिखाने की मांग दोहराई।

देर रात पूछताछ पर उठे सवाल

तनाव उस समय और बढ़ गया जब फर्स्ट ईयर की एक अन्य छात्रा से लंबे समय तक बयान दर्ज करने की कोशिश की। करीब एक घंटे तक अलग कमरे में बैठाकर पूछताछ की गई। छात्रों का कहना था कि देर रात छात्राओं से पूछताछ करना अनुचित है। शुरुआत में मौके पर केवल पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद थे, विरोध बढ़ने के बाद रात करीब 1 बजे एक महिला कॉन्स्टेबल को बुलाया गया। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) ने अपने सोशल मीडिया ग्रुप में आरोप लगाया कि पुलिस छात्राओं को परेशान करने पहुंची थी और एक छात्रा को जबरन थाने ले जाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल जांच का हिस्सा थी।

13 में से सिर्फ एक छात्रा से पूछताछ

जिस छात्रा से पूछताछ की गई, वह भी एमबीबीएस प्रथम वर्ष की है और उसी प्राइवेट पीजी में रहती थी, जहां रोशनी रह रही थी। साथी छात्राओं के मुताबिक, घटना के बाद से वह सदमे में थी, इसलिए उसे सुरक्षा के तौर पर हॉस्टल में रखा गया था। पुलिस उसी छात्रा की तलाश में जीएमसी पहुंची थी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

10 फरवरी को संदिग्ध हालात में मिली थी लाश

बता दें कि घटना 10 फरवरी की है। रोशनी कलैश, जो मूल रूप से आलीराजपुर की रहने वाली थी, पिछले साल अक्टूबर में एमबीबीएस में दाखिल हुई थी। वह कोहेफिजा थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट पीजी में रह रही थी। सुबह जब वह कॉलेज के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ की छात्राओं ने दरवाजा खटखटाया और फोन कॉल किए। कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर गार्ड को बुलाया गया। कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी अचेत अवस्था में मिली। पास में एक खाली एसिड की बोतल पड़ी थी। उसे तुरंत हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

जांच पर सवाल, छात्रों में आक्रोश

छात्रों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई उन्हें डराने और आंदोलन दबाने की कोशिश है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी जरूरी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है। छात्रा की मौत की गुत्थी सुलझाने के साथ-साथ अब जांच की पारदर्शिता भी एक बड़ा सवाल बन गई है।