जल संरक्षण के लिए परचनपाल की पिंकी नेताम को मिला राष्ट्रीय सम्मान

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जगदलपुर, 17 मार्च । जल संरक्षण की दिशा में बस्तर की महिलाओं की पहल अब राष्ट्रीयस्तर पर पहचान बना रही है। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित जल महोत्सव में बस्तर विकासखंड के ग्राम परचनपाल की महिला जल वाहिनी सदस्य पिंकी नेताम को उनके उत्कृष्ट जल सेवा भाव और समर्पण के लिए पेयजल एवं जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की कुल 13 महिला जल वाहिनी के सदस्यों को यह सम्मान मिला।

पिंकी नेताम की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि पूरे गांव की सामूहिक जागरूकता और भागीदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने बताया कि गांव की महिला जल वाहिनी लगातार “पानी बचाओ अभियान” को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक कर रही है। महिला जल वाहिनी द्वारा गांव में कई व्यवहारिक उपाय अपनाए जा रहे हैं। इनमें पानी की नियमित जांच, शुद्ध पेयजल के उपयोग को बढ़ावा, सार्वजनिक नलों से पानी का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग, और किचन व बाथरूम के अपशिष्ट जल का किचन गार्डन में पुनः उपयोग शामिल है। इसके साथ ही, जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण तथा बरसाती पानी का डबरी और तालाबों में संचयन जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं। बस्तर के परचनपाल गांव की यह पहल यह साबित करती है कि यदि सामूहिक इच्छाशक्ति और जागरूकता हो, तो जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान भी संभव है। पिंकी नेताम और उनकी टीम आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

पिंकी नेताम ने बताती हैं कि इन प्रयासों के चलते अब गांव में जल संरक्षण केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुका है। इस मुहिम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ ग्रामीणों और पंचायत पदाधिकारियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।