यमुनानगर: कार्य स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा जरूरी,पॉश एक्ट के बारे में बताया

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यमुनानगर, 07 फ़रवरी । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यमुनानगर में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण से जुड़े पॉश एक्ट को लेकर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन जिला सचिवालय के सभागार में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी, निजी व गैर-सरकारी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को कानून के प्रावधानों, अधिकारों और दायित्वों से अवगत कराना रहा।

कार्यशाला में हरियाणा राज्य अटॉर्नी-एट-लॉ अंकुर अग्रवाल ने पॉश एक्ट 2013 की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए बनाया गया है और यह सरकारी व निजी, दोनों प्रकार के संस्थानों पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि रोकथाम और संवेदनशील कार्यसंस्कृति विकसित करना भी है।

एडीसी नवीन आहूजा और सीटीएम पीयूष गुप्ता ने संस्थानों से आंतरिक शिकायत समिति के प्रभावी गठन और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र से ही कर्मचारियों का भरोसा कायम होता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा, सीडीपीओ कुसुम लता, कार्यवाहक जिला बाल संरक्षण अधिकारी रंजन शर्मा और संरक्षण अधिकारी प्रीती शर्मा ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के दौरान शी बॉक्स पोर्टल की जानकारी दी गई, जिसे केंद्र सरकार ने महिलाओं की शिकायतों के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए विकसित किया है। यह पोर्टल कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न व हिंसा से जुड़ी शिकायतों की निगरानी और निस्तारण में सहायक है। प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने स्पष्ट जवाब दिए। दस से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति और छोटे संस्थानों के लिए स्थानीय शिकायत समिति का प्रावधान है। दोष सिद्ध होने पर वेतन कटौती, मुआवजा, स्थानांतरण या सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई का प्रावधान है।