जोधपुर, 10 अप्रैल । भारतीय सेना ने पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपने अत्याधुनिक अटैक हेलीकॉप्टरों के साथ युद्धाभ्यास का प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ‘ब्रह्मास्त्र युद्धाभ्यास’ के तहत आयोजित किया गया, जहां आसमान से बरसती फायरपावर ने सेना की तकनीकी श्रेष्ठता और मारक क्षमता को जीवंत रूप से सामने रखा। इसमें अमेरिका की सबसे एडवांस्ड हेलफायर मिसाइलों के धमाके भी हुए। दावा है कि इन्हीं मिसाइलों का पिछले साल ईरान पर हमले में इस्तेमाल किया गया था। हेलफायर के अलावा राजस्थान के आसमान से अपाचे हेलिकॉप्टर ने भी अचूक निशान लगाए। कमांड सेंटर से दुश्मनों के ड्रोन्स को भी ब्लास्ट किया गया।
इस युद्धाभ्यास ने मॉडर्न वॉर प्लांड को टेस्ट किया। सेना के अधिकारियों का कहना है कि आर्मी में नए हेलिकॉप्टर्स की एंट्री से ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। युद्धाभ्यास में अमेरिका में बनीं एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलों का भी इस्तेमाल हुआ। इनसे आठ किलोमीटर दूर एक टैंक सहित दूसरे निशाने उड़ाए गए। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने नीचे आकर 70 एमएम हाइड्रा रॉकेटों से हमला किए, जिससे दुश्मन के कैंप नष्ट हुए। अंत में हेलिकॉप्टर के नीचे लगी एम230 चेन गन से 1200 राउंड प्रति मिनट की रफ्तार से फायरिंग कर छोटे लक्ष्यों को भी निशाना बनाया गया।
क्या होती है हेलफायर मिसाइल?हेलफायर मिसाइलें अमेरिका द्वारा विकसित लेजर-गाइडिड सटीक हमले वाली हवा-से-जमीन पर हमला करने वाले मिसाइलें हैं। इनका वजन लगभग 45-50 किलोग्राम और रेंज 8-11 किलोमीटर होती है। हेलफायर का उपयोग ड्रोन, हेलिकॉप्टर और फाइटर जेट्स से किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि साल 2025 में ईरान पर हमले में इजराइल ने इन्हीं मिसाइलों को दागा था।