अवैध पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों काे चिन्हित कर होगी सख्त कार्रवाई: सिविल सर्जन

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सुपौल, 03 अप्रैल । जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में अवैध पैथोलॉजी, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिमराही बाजार, गनपतगंज बाजार और करजाइन बाजार समेत कई इलाकों में बिना लाइसेंस और मानकों के संचालित इन संस्थानों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे केंद्रों में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण फर्जी नर्सिंग होम और निजी पैथोलॉजी लैब की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन संस्थानों में इलाज के नाम पर मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती है, जिससे उनका आर्थिक शोषण होता है। कई मामलों में यह भी देखा गया है कि जब मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है, तो संचालक उन्हें बड़े अस्पतालों में रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूरे राघोपुर प्रखंड में मात्र चार नर्सिंग होम और चार पैथोलॉजी लैब ही विधिवत पंजीकृत हैं। इसके विपरीत, क्षेत्र में 25 से अधिक पैथोलॉजी लैब और 10 से अधिक नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अधिकांश के अवैध होने की आशंका जताई जा रही है।

इस गंभीर स्थिति पर सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने स्पष्ट कहा कि अवैध रूप से संचालित सभी पैथोलॉजी, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की पहचान कर जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी संस्थान बिना लाइसेंस के संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन अवैध संस्थानों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ जारी रहेगा। लोगों ने प्रशासन से सख्ती दिखाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित व पारदर्शी बनाने की अपील की है।