जमवाल ने कहा कि मंडी जैसे उपेक्षित जिले में जश्न मनाने का निर्णय ही सरकार की सोच को दर्शाता है। वर्तमान सरकार ने मंडी जिला के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया है। कई संस्थान बंद कर दिए गए, और जो चल रहे हैं उन्हें भी कमजोर करने की लगातार कोशिशें की गईं। चाहे मेडिकल कॉलेज हो, मेडिकल यूनिवर्सिटी या सरदार पटेल विश्वविद्यालय, हर संस्थान को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। ऐसे माहौल में मंडी में उत्सव मनाने की बात करना जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व जयराम सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर हजारों परिवारों को नुकसान पहुंचाया है। आयुष्मान भारत योजना में उपचार लगभग ठप है और स्वास्थ्य संस्थानों पर करोड़ों की देनदारी है जिसे सरकार चुका नहीं पा रही। सहारा योजना, जिसके माध्यम से गंभीर बीमारी से जूझ रहे गरीब परिवारों को हर माह 3000 रुपये की राहत मिलती थी, उसे भी बंद कर दिया गया है। एक भी नया विकास कार्य शुरू नहीं हुआ, उल्टा जो चल रहे थे उन्हें भी रोक दिया गया। यह सरकार केवल दायित्वों से भागने और दोषारोपण की राजनीति में व्यस्त है।