संस्कृत संभाषण शिविर का सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ हुआ। इस विशेष शिविर का संचालन विद्यालय मुख्य अध्यापिका कंचन लखनपाल विद्यालय कोऑर्डिनेटर मनीषा मारवाह, संस्कृत भाषा अध्यापक आकर्ष शर्मा एवं आशीष रंजन द्वारा किया जा रहा है, जिसमें छात्रावासीय विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है।
शिविर के प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के महत्व, उसकी वैज्ञानिकता एवं भारतीय संस्कृति में उसके योगदान से अवगत कराया गया। साथ ही, सरल एवं व्यवहारिक संस्कृत वाक्यों के माध्यम से दैनिक जीवन में संस्कृत बोलने का अभ्यास भी कराया गया। “भवतः नाम किम्?”, “मम नाम … ”, “भवान् कुत्र गच्छति?” जैसे संवादों का
अभ्यास करते हुए छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्रावासीय विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। अध्यापकों ने गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाते हुए खेल, संवाद, समूह- कार्य तथा रोचक अभ्यासों के माध्यम से छात्रों को संस्कृत बोलने के लिए प्रेरित किया।
इससे विद्यार्थियों में न केवल भाषा के प्रति रुचि बढ़ी, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी सुदृढ़ हुआ। यह 5 दिवसीय शिविर विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा में निपुण बनाने, उनके उच्चारण
को शुद्ध करने तथा उन्हें निर्भीक होकर संस्कृत में संवाद करने के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आगामी दिनों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता और भी विकसित हो सके।