भोजशाला विवाद पर हिन्दू समाज की सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका

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नई दिल्ली, 19 जनवरी । मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला को लेकर विवाद में हिन्दू पक्ष ने उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में नई याचिका दाखिल की है। इस याचिका में आगामी शुक्रवार यानी वसंत पंचमी के दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज से रोकने और सिर्फ हिन्दुओं को ही मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने की इजाजत की मांग की गई है।

दरअसल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 07 अप्रैल 2023 को जारी आदेश के मुताबिक, भोजशाला में हिन्दुओं को मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन पूजा की इजाजत है, वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को दोपहर 01 से 03 बजे के बीच नमाज पढ़ सकते हैं। लेकिन एएसआई के इस आदेश में यह साफ नहीं है कि अगर बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन होगी तो क्या होगा।

वकील विष्णु शंकर जैन के जरिये दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि मां सरस्वती का यह मंदिर परमार राजा भोज ने 11 वीं शताब्दी में बनाया था । अदालत के आदेश पर हुए सर्वे में भी यहां मंदिर होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में एएसआई का आदेश वैसे ही अपने आप में गलत है लेकिन बसंत पंचमी का दिन तो मां सरस्वती की पूजा-अर्चना का दिन है। उस दिन हवन, पूजा और महाआरती जैसे जरूरी धार्मिक कर्म संकल्प से पूर्णाहुति तक बिना किसी व्यवधान के होने चाहिए। गर्भगृह की पवित्रता कायम रहनी चाहिए। ऐसे में उस दिन नमाज की इजाजत नहीं होनी चाहिए।