म्यूनिख में सीतारमण ने अलग-अलग जलवायु कार्रवाई जिम्मेदारियों पर दिया जोर

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म्यूनिख,14 फरवरी । केंद्रीय वित्‍त एवं कॉपोर्रेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को जर्मनी के म्यूनिख में कहा कि भारत ने जलवायु कार्रवाई के लिए अपनी प्रतिबद्धता को बढ़ाया है।

वित्त मंत्री ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन 2026 में “अस्थिरता की डिग्री: गर्म होती दुनिया में जलवायु सुरक्षा” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए यह बात कही। सीतारमण ने चर्चा के दौरान ‘प्रदूषण फैलाने वाला भुगतान करेगा’ सिद्धांत के आधार पर जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए देशों के बीच अलग-अलग जिम्मेदारी तय करने का आह्वान किया।

सीतारमण ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों से जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए वाणिज्यिक आधार पर अपनी टेक्नोलॉजी शेयर करने को भी कहा। उन्‍होंने कहा कि छह साल पहले हम अपनी सकल घरेलू उत्‍पाद जीडीपी का लगभग 3.7 फीसदी जलवायु कार्रवाई पर खर्च कर रहे थे, आज ये आंकड़ा 5.6 फीसदी के करीब है।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि हमने फंड निवेश किया है। हम कहीं और से वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी आने का इंतजार नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आना ही होगा।

उल्‍लेखनीय है कि 62वां म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन-2026 (एमएससी-2026) वैश्विक सुरक्षा पर एक बड़ा अंतरराष्‍ट्रीय मंच है, जो 13-15 फरवरी तक म्यूनिख में आयोजित हो रहा है। सम्‍मेलन में 60 से ज्‍यादा देश एवं सरकार के प्रमुख और सैकड़ों पॉलिसीमेकर और एक्सपर्ट शामिल हो रहे हैं।

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