पलवल, 21 फ़रवरी । श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में स्कूली विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जर्मन, जापानी और फ्रेंच भाषाओं पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी संकाय के स्किल डिपार्टमेंट ऑफ लैंग्वेज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने विदेशी भाषाओं में रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने उद्घाटन सत्र में शनिवार काे कहा कि भाषा किसी भी संस्कृति की पहचान होती है और वर्तमान समय में विदेशी भाषाएं करियर निर्माण का सशक्त माध्यम बन चुकी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर विदेशी भाषाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया और बताया कि विश्वविद्यालय के साथ अनेक बड़े औद्योगिक साझेदार जुड़े हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों को ऑन जॉब ट्रेनिंग के अवसर भी मिलते हैं।
अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और विशेषज्ञों का स्वागत किया।कॉन्सेंट्रिक्स की डिप्टी मैनेजर निमिषा चोपड़ा ने यूरोप की अर्थव्यवस्था में जर्मन भाषा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि टूरिज्म, पत्रकारिता और मेडिकल सहित अनेक क्षेत्रों में इसके माध्यम से रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
वहीं अमाजोन से आए लक्ष्मण कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पलवल में रहते हुए विदेशी भाषा सीखकर उन्होंने बेहतर रोजगार प्राप्त किया। आईआईएलएम विश्वविद्यालय गुरुग्राम के लोकेश साहू ने फ्रेंच भाषा की वैश्विक महत्ता बताते हुए कहा कि यह 29 देशों की आधिकारिक भाषा है और इसमें करियर की असीम संभावनाएं हैं।
विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र सचिन कुमार ने भी जर्मन भाषा सीखकर मिले रोजगार के अवसरों के बारे में बताया, जबकि जापानी भाषा की प्रोफेसर मीवा शशाकी ने जापानी भाषा से जुड़े वैश्विक रोजगार के क्षेत्र पर जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने जर्मन और जापानी भाषा में गीत प्रस्तुत किए तथा संबंधित संस्कृति पर आधारित प्रोजेक्ट भी प्रदर्शित किए।