प्रदेश के 6 लाख से अधिक किसानों के डिफॉल्टर होने का खतरा, सरकार की नीतिगत विफलता जिम्मेदार: जीतू पटवारी

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भोपाल, 12 अप्रैल । मध्य प्रदेश में बढ़ते कृषि संकट को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार काे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर चेताया है कि राज्य के लाखों किसान कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं और समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।

जीतू पटवारी के मुताबिक, प्रदेश के 55 जिलों के करीब 6.20 लाख किसान डिफॉल्टर बनने की कगार पर हैं। इन पर लगभग 450 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें 80 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द राहत नहीं दी गई तो ये किसान भविष्य में ऋण सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे।

उन्होंने इस संकट के लिए सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह स्थिति प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और नीतिगत विफलता का परिणाम है। पटवारी ने आरोप लगाया कि इस साल समर्थन मूल्य पर फसल खरीद प्रक्रिया 20 दिन देर से शुरू हुई, जिससे किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पाया। “जब किसान के पास पैसा ही नहीं पहुँचा, तो वह ऋण कैसे चुकाता?” उन्होंने सवाल उठाया।

पिछले साल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने तब भी समय-सीमा बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ा।

पटवारी की प्रमुख मांगें:

1.ऋण पुनर्भुगतान की तिथि बढ़ाई जाए: फसल ऋण (KCC) चुकाने की समय-सीमा को अविलंब आगे बढ़ाया जाए।

2. जुर्माना माफी: विलंब के कारण लगे ब्याज और दंडात्मक शुल्क को पूर्णतः माफ किया जाए।

3.पारदर्शी भुगतान: समर्थन मूल्य पर खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए।

4.विशेष राहत पैकेज: छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक सहायता और विशेष पैकेज की घोषणा हो।

पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो यह आर्थिक संकट बड़े किसान आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।