जयपुर, 15 फ़रवरी । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) को सुदृढ़ बनाने के साथ ही अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर अनियमितताओं के मामलों में आठ कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार आरजीएचएस योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, कार्ड तथा राजकीय धनराशि के दुरुपयोग के आरोप प्राथमिक जांच में सही पाए गए। इसे सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन एवं राजकीय संसाधनों के दुरुपयोग की श्रेणी में मानते हुए संबंधित कार्मिकों को निलंबित किया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।
अब तक योजना में अनियमितताओं के मामलों में करीब 19 एफआईआर हो चुकी हैं तथा अस्पतालों, फार्मेसी एवं अन्य हितधारकों से लगभग 39 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है। इससे पूर्व सात चिकित्सकों को निलंबित किया गया था और एक अस्पताल एवं एक डायग्नोस्टिक सेंटर के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
ताजा कार्रवाई में सौरभ कुमार रावत (नर्सिंग ऑफिसर, आरबीएम चिकित्सालय, भरतपुर), मीना कुमारी चौधरी (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र खुडासा, भरतपुर), किशन देई (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र कुचावटी, जिला डीग), सत्यप्रकाश छावड़ी (नर्सिंग ऑफिसर, जिला चिकित्सालय बयाना, भरतपुर), मंजू कुमारी (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, उप स्वास्थ्य केन्द्र नगला माय, भरतपुर), तुलसी देवी (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र हनुमानपुरा, जिला फलौदी), अनुपमा (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सीएचसी उच्चैन, भरतपुर) तथा सुरेश चंद गुप्ता (नर्सिंग ऑफिसर, आरबीएम चिकित्सालय, भरतपुर) शामिल हैं।
राज्य सरकार ने साफ किया है कि आरजीएचएस योजना में पारदर्शिता एवं सुशासन के लिए नियमों एवं प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं और भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।