का यह हंगामा सुबह से दोपहर तक चला।
फीस बढ़ोतरी पर मंगलवार काे छात्रों के हंगामे के चलते कुलपति
कार्यालय के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाकर्मी गेट पकड़कर खड़े रहे, जबकि
दूसरी तरफ से छात्र जोर लगाकर गेट धकेल रहे थे। इसी दौरान कई छात्र रेलिंग पार कर अंदर
कूद गए। गेट के पास दोनों तरफ से जोर आजमाइश होने लगी-सुरक्षाकर्मी छात्रों को पीछे
धकेलते रहे, तो छात्र फीस वृद्धि वापस लो के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। धक्का-मुक्की
में कुछ छात्र लड़खड़ा गए, लेकिन भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं थी। करीब 10-15 मिनट तक
यही खींचतान चलती रही।
हालात बिगड़ते देख विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत
में आया और छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया गया। छात्र नेता अज्जू घनघस ने बताया कि
कुलपति नरसीराम बिश्नोई ने उनकी मांगों को सुना और कहा कि फीस बढ़ोतरी की जांच के लिए
एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। छात्रों के
अनुसार कुलपति ने रिअपीयर व अन्य जरूरी फॉर्मों की बढ़ी हुई फीस के आदेश तुरंत वापस
लेने का आश्वासन भी दिया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि अचानक फीस बढ़ाने से उन पर आर्थिक
बोझ बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि नर्सिंग कॉलेज की फीस पिछले साल एक सेमेस्टर में
75 हजार रुपए थी, जिसे इस बार बढ़ाकर 98 हजार रुपए कर दिया गया है। प्रदर्शन में नितेश,
बागीराणा, एनएसयूआई के विकास, रोहित दलाल, अजय सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।