नई दिल्ली, 16 मार्च । उच्चतम न्यायालय ने अडाणी पर लेख लिखने वाले पत्रकार रवि नायर की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने गुजरात क्राइम ब्रांच की ओर से जारी नोटिस को चुनौती दी थी। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता उचित अधिकार क्षेत्र वाले उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
कोर्ट ने कहा कि जब मामला क्षेत्राधिकार वाले उच्च न्यायालय के समक्ष उठाया जा सकता है, तो सीधे अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय का दरवाजा क्यों खटखटाया गया। तब याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि ये मौलिक अधिकार विशेष रुप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है।
गुजरात क्राइम ब्रांच ने 12 फरवरी को कथित रुप ये अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड की शिकायत के आधार पर नोटिस जारी किया था। ये नोटिस 2025 में वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित एक लेख के संबंध में जारी किया गया था। ये लेख नायर ने वाशिंगटन पोस्ट के तत्कालीन नई दिल्ली ब्यूरो प्रमुख प्रांशु वर्मा के साथ मिलकर लिखा था। गुजरात क्राइम ब्रांच के नोटिस में रवि नायर को 19 फरवरी को जांच के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया था।
सुनवाई के दौरान रवि नायर के वकील आनंद ग्रोवर ने कहा कि अडाणी समूह की ओर से उनके खिलाफ तीन मामले दर्ज कराए गए हैं, जिससे उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। क्राइम ब्रांच ने बिना किसी अधिकार क्षेत्र के ये कार्रवाई की है।