मप्र में तेजी से चल रहा जल गंगा संवर्धन अभियान का तीसरा चरण, सूखे कुओं को मिलेगा नया जीवन

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भोपाल, 10 अप्रैल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का तीसरा चरण चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुरानी जल संरचनाओं को नया जीवन देने के साथ ही बारिश के पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने का कार्य किया जा रहा है।

जनसंपर्क अधिकारी आर.आर. पटेल ने शुक्रवार को बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच सहित तालाबों, बावड़ियों, नदियों की सफाई, रैन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में प्रदेश के 18 विभाग सहभागिता निभा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अभियान अंतर्गत अकेले सागर जिले में 5800 से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसमें कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच के कार्य शामिल हैं। कार्यों के पूरा हो जाने से सागर जिले में सूख पड़े कुओं को नया जीवन मिलेगा। कूप रिचार्ज पिट बनने से कुओं का जल स्तर बढ़ेगा। साथ ही अमृत सरोवर, खेत तालाब और तालाबों में बारिश का पानी जमा होने से किसानों को सिंचाई, उद्यानिकी व मछली पालन जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा।