जेडीए में तीन सलाहकार नियुक्त, आमजन के प्रकरणों के त्वरित निस्तारण एवं ई-सुनवाई की प्रभावी मॉनिटरिंग पर रहेगा विशेष जोर

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जयपुर, 09 फ़रवरी । जयपुर विकास प्राधिकरण में प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आमजन से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से तीन सलाहकारों की नियुक्ति की गई है। जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि नियुक्त किए गए सलाहकारों को विभिन्न जोन्स एवं प्रकोष्ठों का दायित्व सौंपा गया है, ताकि कार्यों की सतत मॉनिटरिंग एवं समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।

वी.पी. सिंह (तृतीय), पूर्व आरएएस को अतिरिक्त आयुक्त (एलपीसी, पीआरएन, पुनर्वास एवं पूर्व) से संबंधित सभी आवंटित जोन्स का कार्यभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त वे उप नियंत्रक प्रवर्तन-1, निदेशक अभियांत्रिकी-द्वितीय तथा निदेशक नगर आयोजना प्रकोष्ठ से जुड़े कार्यों का भी दायित्व निभाएंगे।

अर्जुन चौधरी, पूर्व आरएएस को अतिरिक्त आयुक्त (भूमि एवं भूमि अवाप्ति अधिकारी) के अंतर्गत आवंटित जोन्स की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, उन्हें उप नियंत्रक प्रवर्तन-2, निदेशक अभियांत्रिकी-प्रथम एवं उद्यान शाखा का कार्यभार सौंपा गया है।

रामावतार शर्मा, पूर्व आरएसीएस को अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) के अंतर्गत आवंटित जोन्स का दायित्व दिया गया है। वे उप नियंत्रक प्रवर्तन-3 एवं 4 से संबंधित कार्यों के लिए सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे।

जेडीसी ने बताया कि सलाहकार नागरिक सेवा केंद्रों की सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ जनसाधारण की शिकायतों का एण्ड-टू-एण्ड प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।

सलाहकार ई-सुनवाई की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि उपायुक्तों एवं संबंधित प्रकोष्ठ प्रभारियों द्वारा सभी प्रकरणों में पूर्ण तैयारी के साथ सुनवाई की जाए। यदि किसी प्रकरण में कार्यवाही अधूरी पाई जाती है, तो उसकी अगली तिथि तक अंतिम रूप से निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अतिरिक्त प्रवर्तन से संबंधित प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निस्तारण भी सलाहकारों के कार्यक्षेत्र में शामिल रहेगा। कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु सलाहकार मौजूदा एसओपी की समीक्षा करेंगे तथा जहां एसओपी उपलब्ध नहीं है, वहां नई विस्तृत एसओपी तैयार कर सुझाव प्रस्तुत करेंगे।