जनजाति छात्रावासों में कार्मिकों का वेतन समय पर, शिकायत पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

Spread the love

जयपुर, 16 फ़रवरी । जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने विधानसभा में कहा कि जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में कार्यरत रसोइयों, स्वीपरों और चौकीदारों को समय पर वेतन भुगतान किया जा रहा है। यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर संबंधित एजेंसी और अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक अनिल कुमार कटारा के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि पूर्व में एक बार कार्यरत एजेंसी की समयावधि पूरी होने के कारण भुगतान में देरी हुई थी। इसके अलावा विभाग को इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में मानव श्रम की निविदा अक्टूबर 2025 में स्वीकृत कर तीन फर्मों का चयन किया गया। प्रारंभिक चरण में कार्मिकों का मास्टर डाटा संकलित करने में समय लगने से वेतन भुगतान में कुछ विलंब हुआ, लेकिन अब स्थिति सामान्य है।

वर्तमान में डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में नवंबर 2025 तक, उदयपुर में अक्टूबर 2025 तक तथा जयपुर, बारां और सिरोही में दिसंबर 2025 तक का भुगतान किया जा चुका है।

मंत्री ने बताया कि जिन कार्मिकों के पीएफ खाते खुल चुके हैं, उनकी राशि जमा करा दी गई है। जिनके खाते अभी तक नहीं खुले हैं, उनके खाते खुलवाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, रसोइया, स्वीपर और चौकीदारों के लंबित मानदेय या पीएफ कटौती संबंधी शिकायतों पर कार्यकारी एजेंसी ‘स्वच्छ परियोजना’ नियमानुसार कार्रवाई करती है। आयुक्त कार्यालय स्तर पर भी समय-समय पर अधीनस्थ कार्यालयों को आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं।

मंत्री ने दोहराया कि विभाग कार्मिकों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।