डीएसबी परिसर में दो दिवसीय जीवन कौशल कार्यशाला प्रारंभ

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नैनीताल, 27 मार्च । नैनीताल स्थित कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में पीएम-ऊषा मेरु परियोजना के अंतर्गत दो दिवसीय जीवन कौशल कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार से प्रारंभ हो गया है।

विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं जीवन कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पीएमएस डॉ. तरुण कुमार टम्टा ने दीप प्रज्वलन कर किया।

नोडल अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने संचालन करते हुए बताया कि जीवन कौशल में दस प्रमुख आयाम शामिल होते हैं, जिनमें व्यक्तित्व विकास और संचार कौशल महत्वपूर्ण हैं। डॉ. अमित जोशी ने स्वागत करते हुए ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उपयोगी बताया।

मुख्य अतिथि डॉ. टम्टा ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखना तथा प्राथमिक उपचार का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक जीवन कौशल है। मुख्य वक्ता अपर्णा आनंद ने व्यक्तित्व विकास पर विचार रखते हुए बताया कि व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके स्वभाव, परिवेश और संस्कृति से निर्मित होता है तथा आत्मविश्वास और प्रभावी संचार इसकी प्रमुख आधारशिला हैं। उन्होंने प्रभावी वक्तृत्व के लिए मौखिक एवं अमौखिक संचार, विषयवस्तु की स्पष्टता तथा श्रोताओं की सहभागिता को आवश्यक बताया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से रचनात्मकता और आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित किया गया। मेरु की समन्वयक प्रो. सुची बिष्ट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों को शॉल, पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। बताया गया कि शनिसार को दूसरे दिन मनोविज्ञान विभाग अल्मोड़ा की विभागाध्यक्ष डॉ. मधु नयाल विद्यार्थियों को संबोधित करेंगी तथा कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल प्रमाणपत्र वितरित करेंगे। कार्यशाला में विभिन्न विषयों के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।