हल्द्वानी, 13 अप्रैल । उत्तराखंड राज्य आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष भावना मेहरा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्त भविष्य का ‘सूर्योदय’ बताते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय करार दिया।
सोमवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मेहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ संकल्प और नारी सशक्तिकरण की स्पष्ट नीति के परिणामस्वरूप इस महत्वपूर्ण अधिनियम को पारित किया गया,जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के समतामूलक समाज के सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से महिलाएं अब संसद और विधानसभाओं में अधिक संख्या में पहुंचेंगी और नीति निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। इससे न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी भी और अधिक प्रभावी होगी।
मेहरा ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, सुरक्षित मातृत्व अभियान, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सशक्त किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां सशस्त्र बलों में कमांड स्तर तक अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। मेहरा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों नारी शक्ति सम्मेलन, स्कूटी रैली, पदयात्रा और दीवार लेखन की जानकारी देते हुए आमजन से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
पत्रकार वार्ता में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कंचन उप्रेती, जिला महामंत्री राशि जैन, आभा गोस्वामी, प्रदेश प्रवक्ता महिला मोर्चा कल्पना बोरा, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी भूमिका गोयल, जिला मीडिया प्रभारी महिला मोर्चा दीप्ति चुफाल और कुमाऊं सह-संयोजक अल्का जीना सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।