देहरादून, 15 मार्च । सुप्रसिद्ध गीतकार एवं वरिष्ठ पत्रकार रामप्रताप मिश्र ‘साकेती’ की याद में रविवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लेखकों, पत्रकारों और प्रबुद्धजनों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उन्हें मधुर गीतकार और उत्कृष्ट पत्रकार बताते हुए कहा कि वे पत्रकारिता के चलते-फिरते विश्वविद्यालय थे।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री विनोद उनियाल ने साकेतीजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा की पत्रिका ‘देवकमल’ का कुशलतापूर्वक संपादन किया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के पीआरओ राजेश सेठी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र सामाजिक समरसता प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, विजय स्नेही, वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र भारद्वाज और राजेश पाण्डेय ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए साकेती से अपने दीर्घकालीन संबंधों का उल्लेख किया और उनके मधुर व्यवहार को उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषता बताया।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वीडी शर्मा ने कहा कि रामप्रताप मिश्र ‘साकेती’ का पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने देहरादून में कई समाचार पत्रों की शुरुआत कराई और जीवनभर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। साहित्यकार रजनीश त्रिवेदी ने कहा कि साकेती जी मूलतः स्वाभिमानी कवि और साहित्यकार थे। साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से सदैव जीवित रहता है और उसकी कीर्ति बनी रहती है। उन्होंने उनकी अप्रकाशित रचनाओं को पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
इस मौके पर डॉ बृजेश विक्रम शुक्ल, डॉ. जे.सी. पंत, विनोद कुमार (एडवोकेट), रामबोध शुक्ल और धीरेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी साकेती जी से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में रामप्रताप मिश्र ‘साकेती’ के पुत्र अखिलेश मिश्र, बहू अनीता मिश्रा और आशीष मिश्रा सहित परिवारजनों ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्मृति सभा में वरिष्ठ पत्रकार भूपत सिंह बिष्ट, गिरधर गोपाल लूथरा, इंद्रदेव रतूड़ी, नरेश मनोचा, नरेश रुहेला, दीपक गुसाईं और मंगेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।